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गुरुवार, अगस्त 23, 2012

पुजारा ने लपका अवसर

हैदराबाद में खेला जा रहा पहला टेस्ट मैच भारत की जमीन पर अगस्त माह में खेला जाने वाला पहला टेस्ट है । सामन्यत: भारत में सितम्बर से मार्च तक टेस्ट खेले जाते हैं । अगस्त की गर्मी में भारतीय टीम इस बार न्यजीलैंड की टीम से जूझ रही है । न्यजीलैंड की टीम वेस्ट इंडीज से हारकर भारत आई है , ऐसे में भारत के पास जीतने के अच्छे अवसर हैं । पहले टेस्ट के पहले दिन भारत संतोषजनक स्थिति में है । स्कोर के दृष्टिकोण से भारत ने अच्छे रन बना लिए हैं लेकिन साथ ही उसने पांच विकेट भी गंवा दिए हैं । भारत की अंतिम मान्यता प्राप्त जोड़ी मैदान में है और इन दोनों बल्लेबाजों के आउट होने के बाद भारतीय पारी कभी भी सिमट सकती है । अत: दूसरे दिन का पहला सत्र काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है ।
                    यहाँ तक पहले दिन की बात है चेतेश्वर पुजारा आज के नायक हैं । उन्होंने लक्ष्मण के सन्यास लेने से अचानक बने मौके को बड़ी सफाई से लपका है । वे शतक बनाकर मैदान में हैं और उनसे और रनों की उम्मीद है । रैना ने एक बार फिर निराश किया है । रैना सामन्यत: तभी कामयाब होते हैं जब धडाधड क्रिकेट खेलनी हो , पिच पर समय बिताना उनके लिए सदा से समस्या रहा है । धोनी को उन्हें नम्बर सात पर उतारना चाहिए था और खुद नम्बर छः पर आना चाहिए था । दूसरी पारी में इस बदलाव को आजमाया जाना चाहिए ।
                    यहाँ तक दिग्गजों का सवाल है उन्हें इस पारी में लय नहीं मिली । सहवाग ने आतिशी तेवर दिखाए लेकिन वे अपनी पारी को लम्बा नहीं खींच पाए । सचिन ने काफी धीमी गति से खेलना शुरू किया लेकिन वो भी बड़ा स्कोर नहीं खड़ा कर पाए । मैच का रुख दूसरे दिन निर्धारित होगा और यह बहुत कुछ निर्भर करता है भारत के पुछल्ले बल्लेबाजों पर । अगर ये कुछ रन जोड़ पाए और भारत 450 के लगभग पहुंच पाया तो भारतीय गेंदबाजों का काम आसान हो जाएगा ।
                    फिलहाल मैच संतुलित है । भारत अच्छी स्थिति में है लेकिन न्यूजीलैंड अभी बैकफुट पर नहीं है । वह कल वापिसी कर सकता है । भारत के लिए पुजारा का शतक इस पहले दिन की उपलब्धि है । पुजारा ने आगामी श्रृंखला के लिए भी जगह पक्की कर ली है लेकिन टीम का स्थायी सदस्य बनने के लिए एक लम्बा सफर बाकी है ।

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2 टिप्‍पणियां:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

बहुत अच्छी प्रस्तुति!
इस प्रविष्टी की चर्चा कल शनिवार (25-08-2012) के चर्चा मंच पर भी होगी!
सूचनार्थ!

सुशील ने कहा…

ये खेल है जब तक गलियों में खेला जाता है
मैदान में पहुँचा नहीं की लाटरी हो जाता है !

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