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शुक्रवार, मार्च 16, 2012

बन गया महाशतक

ढाका में हालांकि बंगलादेश ने एक बार फिर भारत को उलटफेर का शिकार बना दिया है, लेकिन यह मैच क्रिकेट के महानायक सचिन के सौंवे शतक के लिए इतिहास में याद रखा जाएगा । सचिन इस मैच में अस्सी का आंकड़ा पार करने के बाद तनाव में थे । वे अपने सामान्य खेल से कुछ धीमा भी खेले , लेकिन इस बार उन्होंने मंजिल हासिल कर ही ली ।इस एवरेस्ट जैसे रिकार्ड को फतेह करने में न जाने अब कितना समय लगेगा । निकट भविष्य में तो इसकी कोई संभावना नहीं क्योंकि नम्बर दो पर चल रहे रिक्की पोंटिंग सिर्फ 71 शतक ही लगा पाए हैं और उनका करियर भी बहुत लम्बा नहीं है । आस्ट्रेलिया की एकदिवसीय टीम से उनकी छुट्टी हो ही चुकी है । टेस्ट भी वे दो-तीन साल से ज्यादा नहीं खेल पाएंगे । ऐसे में वे इस रिकार्ड को नहीं तोड़ सकते । नई पीढ़ी में कौन इस शिखर पर पहुंचेगा यह तो समय ही बताएगा, लेकिन फिलहाल यह असंभव नजर आ रहा है । यह असंभव इसलिए भी नजर आ रहा है क्योंकि सचिन जैसे खिलाडी कभी-कभार ही हो पाते हैं , वे सचमुच में इस खेल के महानायक हैं।
                      सचिन और अन्य सीनियर खिलाडियों से पिछले कुछ समय से लगातार एक प्रश्न पूछा जा रहा है कि वे कब सन्यास लेंगे । द्रविड़ ने अपना बल्ला टांग दिया है । निश्चित रूप से अब बारी सचिन की है । सचिन कब सन्यास लेंगे यह तो सचिन ही बताएंगे लेकिन मेरा मानना है कि सचिन को इस एशिया कप के बाद एक दिवसीय क्रिकेट से सन्यास ले लेना चाहिए । द्रविड़ के जाने के बाद टेस्ट मैचों में सचिन की जिम्मेदारी बढ़ गई है । जब तक नए खिलाडी द्रविड़ द्वारा खाली की गई जगह पर अपनी दावेदारी पक्की करेंगे तब तक सचिन को टीम का हिस्सा बना रहना चाहिए यानि कम से कम दो साल और सचिन को टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहिए और इसके लिए एक दिवसीय क्रिकेट से सन्यास आवश्यक हो गया है । वैसे भी बोर्ड उन्हें बार-बार आराम दे ही रहा है । एकदिवसीय टीम में अगले विश्व कप हेतु युवा खिलाडियों को ज्यादा-से ज्यादा मैच खिलाए जाने चाहिए । निश्चित रूप से सचिन को टीम से निकाला नहीं जा सकता और वे जब तक चाहेंगे तब तक खेलेंगे लेकिन एकदिवसीय क्रिकेट से उनका अब जाना शीघ्र ही होने वाला है यदि टीम इण्डिया एशिया कप जीतती है तो यह एक उपयुक्त समय हो सकता है क्रिकेट के इस प्रारूप को अलविदा कहने का ।
                     फिलहाल बात करते हैं सचिन के सभी 100 शतकों की, यह आंकड़े नवभारत टाइम्स से साभार लिए गए हैं ---------

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3 टिप्‍पणियां:

अरुण कुमार निगम (mitanigoth2.blogspot.com) ने कहा…

शतकीय शतक पर बधाई. बढ़िया आलेख.

रविकर ने कहा…

बढ़िया जानकारी।

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

बहुत अच्छी प्रस्तुति!
इस प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार के चर्चा मंच पर भी होगी!
सूचनार्थ!

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